घोघड़, चम्बा, 13 मई 2026 : जिला कांग्रेस कमेटी चम्बा के अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी पिछले कुछ दिनों से लगातार आक्रामक मुद्रा में हैं। प्रदेश सरकार का विपक्षी खेमा हो या फिर केंद्र सरकार, हर मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देने से पीछे नहीं हट रहे हैं। जनता के खिलाफ होने वाली हर गतिविधि पर वे आक्रामक भाव में सामने आ रहे हैं। इस उन्होंने बार नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधलियों और भ्रष्टाचार से उपजे मामले को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राजस्थान के सीकर में सामने आए मामले का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा शासन में युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं रह गया है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सुरजीत शर्मा भरमौरी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शी परीक्षा आयोजित करने का दावा करने वाली National Testing Agency (NTA) अब “No Entry Test Agency” बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संस्था योग्य और प्रतिभाशाली छात्रों को अवसर देने के बजाय उनके भविष्य के रास्ते बंद करने का माध्यम बन गई है।
उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों छात्र अपने घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में नीट जैसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। मध्यम वर्गीय परिवार भारी फीस देकर कोचिंग संस्थानों में अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर पेपर लीक और भ्रष्टाचार की घटनाएं मेहनती छात्रों के सपनों को तोड़ रही हैं।
सुरजीत भरमौरी ने आरोप लगाया कि राजस्थान के सीकर में सामने आए मामले ने भाजपा के “चाल, चरित्र और चेहरे” को उजागर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जुड़े लोग और जनप्रतिनिधि ही पेपर लीक और उसकी कथित नीलामी में संलिप्त पाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, “जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और सत्ता से जुड़े लोग ही परीक्षा प्रणाली को बेचने लगें, तो निष्पक्षता की उम्मीद करना बेमानी हो जाता है।”
उन्होंने कहा कि यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के सपनों की खुली नीलामी है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से सवाल किया कि क्या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की।
अंत में सुरजीत शर्मा भरमौरी ने कहा कि Indian National Congress युवाओं के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती रहेगी।

