घोघड़, चम्बा, 12 अप्रैल : गत 07 अप्रैल को रावी नदी पर निर्माणाधीन स्टील ट्रस पुल सियूंर चट्टाने गिरने के कारण ध्वस्त हो गया था। इस दौरान घटनास्थल सडक पर भारी मलबा आ गिरा था जिसे लोनिवि ने अब तक नहीं हटाया है। लोग अबतक लकड़ी के पुराने फुट ब्रिज के माध्यम से रावी नदी पार कर रहे हैं।
सियूंर गांव के लोग अपनी आवश्यकता की सामग्री इस लकड़ी के पुल पर से घोड़े-खच्चरों के माध्यम से ढो कर लाते हैं परंतु एक सप्ताह से अवरुद्ध इस सड़क के कारण यहां से घोड़े खच्चर का गुजरना तो दूर लोगों के पैदल गुजरने में भी जान का जोखिम बना हुआ है। पंचायत के समाजसेवी संजीव ठाकुर, निवर्तमान उप प्रधान पवन कुमार ने बताया कि पिछले 06 दिनों से सड़क मलबे के कारण बंद है परंतु लोनिवि मानो सदमे में है और भूल गया है कि पुल ध्वस्त होने से पहले भी इस सड़क पर यातायात होता था। प्रतिदिन स्कूली बच्चे, सरकारी कर्मचारी व अन्य लोग इस मार्ग का उपयोग आवागमन के लिए करते हैं परंतु करीब एक सप्ताह से यह सड़क अवरुद्ध होने के कारण लोगों के लिए जोखिम व समस्या का कारण बनी हुई है। उन्होंने लोनिवि व स्थानीय प्रशासन से मांग की कि इस सड़क पर गिरे मलबे को तुरंत हटाकर लोगों को सुरक्षा व सुविधा प्रदान की जाए।
आज स्थानीय विधायक डॉ जनक राज ने ध्वस्त हुए सियूंर पुल के निरीक्षण कर लोगों को उत्पन्न हुई यातायात सम्बंधित समस्याओं की पड़ताल की । उन्होंने लोनिवि अधिशासी अभियंता को सियूंर पुल के पास बाधित सड़क मार्ग को तुरंत बहाल
करने के निर्देश दिए।

इस संदर्भ में लोनिवि के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता भल चंद ठाकुर ने कहा कि मौसम खराब होने के कारण बाधित स्थल पर पत्थर गिर रहे थे जिस कारण उक्त स्थान से मलबा नहीं हटाया जा सका। उन्होंने बताया कि कल तक इस मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा।
गौरतलबल है कि भरमौर मुख्यालय को खड़ामुख-होली सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए भरमौर-ज्यूरा वाया गरीमा एक वैकल्पिक सड़क मार्ग है। इस सड़क मार्ग में रावी नदी पर बना लकड़ी का पुल हालांकि तकनीकी रुप से यह पैदल यात्रियों व घोड़े खच्चरों की भार क्षमता वाला है परंतु आपात स्थिति में इसे छोटे वाहनों के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। भरमौर-खड़ामुख सड़क मार्ग अवरुद्ध होने पर की बार चम्बा वे अन्य गंतव्यों तक पहुंचने के लिए इस सड़क का उपयोग भी यात्रियों द्वारा किया जाता है।
