घोघड़, चम्बा, 23 मई : हिप्र में पंचायती राज संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में अध्यापक वर्ग एक बार फिर से जुट गया है। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्वाचन विभाग ने विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारियों को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंप दी है।
चुनाव कार्य में जुटे इन कर्मचारियों में अध्यापक वर्ग की संख्या बहुत अधिक है। अध्यापकों के चुनाव ड्यूटी पर जाने के बाद से स्कूलों में पढ़ाई की गति शिथिल हो गई है। कुछ विषयों का तो एक चैप्टर भी पूरा नहीं हो पाया है। शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी पर भेजने का अभिभावकों ने विरोध किया है अभिभावकों का कहना है कि शीतकालीन अवकाश वाले विद्यालयों में सीमित शैक्षिक दिवस होते हैं। कई बार अध्यापकों के अवकाश व मौसम की खराबी के कारण घोषित आकस्मिक अवकाश के कारण उससे भी कम दिन पढ़ाई हो पाती है। ऐसे में अध्यापकों को कक्षा में भेजने के बजाए चुनाव ड्यूटी पर भेजना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
अभिभावकों का कहना है कि सरकार को सरकारी स्कूलों के बच्चों की शिक्षा को भी महत्वपूर्ण समझना चाहिए। कई विद्यालयों में अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई जुगाड़ तंत्र के सहारे चल रही है इसके बावजूद अध्यापकों को चुनाव ड्यूटी पर भेजना तर्क संगत नहीं है।
अभिभावकों का कहना है कि गति पकड़ रहा पाठ्यक्रम अब रुक गया है। वहीं दसवीं कक्षा के परीक्षा के बाद 11वीं कक्षा में अस्थाई दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की कक्षाएं भी 11 अप्रैल से आरम्भ हो चुकी हैं परंतु कुछ विषयों का एक चैप्टर भी पूरा नहीं हो पाया है। अध्यापक अगर कक्षाओं में पढ़ाने के बजाए अन्य कार्यों पर जाएंगे तो विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, और प्रशासनिक अधिकारी कैसे बन पाएंगे। जल्दबाजी में पाठ्यक्रम पूरा करने के प्रयास में बच्चों को विषय वस्तु ही समझ नहीं आएगी।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए भविष्य में चुनाव, जनगणना जैसी लम्बी प्रक्रिया वाले कार्यों में अध्यापकों की ड्यूटी न लगाई जाए। अभिभावकों ने कहा कि इस संदर्भ में सभी विद्यालयों की स्कूल प्रबंधन समितियों से प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजने का मुद्दा उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि भरमौर विकास में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव ड्यूटी पर 390 अधिकारी-कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं जिनमें अध्यापकों की संख्या करीब 230 है जबकि शेष स्टाफ स्कूलों के गैर शिक्षक वर्ग व अन्य विभागों से लिया गया है। क्षेत्र के केवल 13 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं से 123 अध्यापक व 19 गैर शिक्षक वर्ग का स्टाफ चुनाव ड्यूटी पर तैनात है। इसके अलावा प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च विद्यालय व औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के अध्यापकों की संख्या करीब 112 है।
पंचायती राज चुनाव ड्यूटी पर तैनात भरमौर क्षेत्र के रावमापा के शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग –
| क्रमांक | विद्यालय | शिक्षक वर्ग | गैर शिक्षक वर्ग | चुनाव ड्यूटी पर कुल स्टाफ |
|---|---|---|---|---|
| 1 | रा.व.मा.पा. भरमौर | 17 | 10 | 27 |
| 2 | रा.व.मा.पा. खणी | 11 | 2 | 13 |
| 3 | रा.व.मा.पा. बड़ग्रां | 06 | 0 | 06 |
| 4 | रा.व.मा.पा. पूलन | 08 | 1 | 09 |
| 5 | रा.व.मा.पा. गरोला | 05 | 03 | 08 |
| 6 | रा.व.मा.पा. मांधा | 06 | 0 | 06 |
| 7 | रा.व.मा.पा. रुणूहकोठी | 11 | 0 | 11 |
| 8 | रा.व.मा.पा. चोबिया | 08 | 0 | 08 |
| 9 | रा.व.मा.पा. दुर्गेठी | 07 | 0 | 07 |
| 10 | रा.व.मा.पा. चन्हौता | 08 | 01 | 09 |
| 11 | रा.व.मा.पा. होली | 14 | 01 | 15 |
| 12 | रा.व.मा.पा. लामू | 04 | 01 | 05 |
| 13 | रा.व.मा.पा. औरा | 08 | 0 | 08 |
| कुल योग | 123 | 19 | 142 |

