घोघड़, शिमला, 06 जून 2026 : मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्रिमंडल ने करुणामूलक नियुक्ति के पूर्व में अस्वीकृत मामलों की पुनः समीक्षा करने तथा सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के नियमितीकरण के लिए नई नीति को मंजूरी दी। कृषि ऋण संकट से जूझ रहे किसानों को राहत देते हुए 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में भर्ती निदेशालय के अंतर्गत 400 वर्क इंस्पेक्टर पदों के सृजन एवं भरने को स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य विभाग में 300 चिकित्सा अधिकारी, 200 स्टाफ नर्स, 250 मल्टी टास्क वर्कर तथा 162 अन्य तकनीकी पदों सहित बड़ी संख्या में भर्तियों को मंजूरी मिली। विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद भी भरे जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 17 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति, सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने तथा जॉब ट्रेनीज को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने का निर्णय लिया।
पूर्व कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी 80 पोस्ट कोड के विज्ञापन वापस लेने और अभ्यर्थियों को लगभग 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क लौटाने को भी मंजूरी दी गई।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण शुरू किया जाएगा, जिसके तहत ई-बस खरीद पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीद पर 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की नियंत्रित खेती से संबंधित नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
हिम केयर योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर बढ़ाकर 7 लाख से 10 लाख रुपये तक करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा विभिन्न अस्पतालों के स्तरोन्नयन, नए स्वास्थ्य संस्थान खोलने तथा विद्युत एवं लोक निर्माण विभाग से जुड़े कई विकास कार्यों को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri की अध्यक्षता में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय भी लिया गया।

