घोघड़, भरमौर (चम्बा) 23 जून 2026 : हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र भरमौर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र भरमाणी माता मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने के बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोल दिया गया है। मंदिर में सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच देवी प्रतिमाओं को पुनः उनके मूल स्थान पर विधिवत प्रतिष्ठित किया गया। मंदिर प्रांगण में भंडारे का आयोजन भी किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रद्धालुओं के संयुक्त सहयोग एवं जनसहभागिता से संपन्न हुए इस जीर्णोद्धार कार्य के उपरांत आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर पांगी-भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने भी विशेष पूजा-अर्चना एवं शांति हवन में भाग लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
पुराना मंदिर आकार में छोटा होने तथा उसकी छत अपेक्षाकृत नीची होने के कारण श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए स्थानीय स्वयंसेवकों तथा श्रद्धालुओं ने आर्थिक सहयोग जुटाकर मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य संपन्न कराया। इस कार्य में करीब एक माह का समय लगा है। इस दौरान देवी के चिन्हों के पास के नए मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया था।
गौरतलब है कि भरमाणी माता मंदिर मणिमहेश न्यास के अधीन आने वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। इस संबंध में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा ने बताया कि न्यास द्वारा भरमाणी मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण योजना के तहत विभिन्न विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जोकि क्षेत्र में श्रद्धालु व धार्मिक पर्यटन को आकर्षित करेंगे। इसके अलावा यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों से स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि इससे न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।

