घोघड़, भरमौर, 10 अप्रैल : हिमाचल प्रदेश में आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा प्रदेश भर में विधानसभा स्तर पर निकाली गई विरोध रैलियों के पीछे एक नहीं, बल्कि कई राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दे सामने आए हैं। भाजपा के यह मुद्दे कितने बुनियादी व कितने चुनावी हैं यह आप कमेंट करके बता सकते हैं। लेकिन भाजपा इन रैलियों के माध्यम से अपना संदेश लोगों तक पहुंचाने में सफल रही है।
इस कड़ी में भरमौर मुख्यालय में भाजपा के तीन मंडलों चौरासी, तिरलोचन व होली के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने जन आक्रोश रैली निकाली जिसमें क्षेत्र के विधायक डॉ जनक राज भी शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां “प्रदेश विरोधी” और जनविरोधी हैं। सरकार ऐसे फैसले ले रही है जिससे आम जनता का शोषण हो रहा है। अधिकारी सरकार के हाथों की कठपुतली बन भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दे रहे हैं। हर क्षेत्र में कुप्रबंधन (Mismanagement) और प्रशासनिक विफलता फैली हुई है। वन माफिया, खनन माफिया, ड्रग (चिट्टा) माफिया, ट्रांसफर माफिया प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों, स्वास्थ्य कानून व्यवस्था को खोखला बना रहे हैं। जिस पर सरकार अंकुश लगाने में असफल हो गई है। सरकार स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है।

इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे सरकार के इशारों पर कार्य करने के बजाए नियमों की पालना करते हुए कार्य करें अन्यथा वे इसके परिणाम भुगतने के लिए भी तैयार रहें।
इस अवसर पर विधायक डॉ. जनक राज ने क्षेत्र की विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, भरमौर के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन मुख्य मंत्री हिप्र को प्रेषित किया है। ज्ञापन में क्षेत्रवासियों को हो रही दैनिक कठिनाइयों को गंभीर बताते हुए इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र की आम जनता लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है और जनहित को देखते हुए प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दों में राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए की जर्जर स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया है। बताया गया कि सड़क पर गड्ढे, भूस्खलन और संकीर्णता के कारण आवागमन अत्यंत कठिन और दुर्घटनाप्रवण हो गया है। आगामी मणिमहेश यात्रा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग की शीघ्र मरम्मत आवश्यक बताई गई है।
इसके अलावा, बिजली व्यवस्था में अनियमितता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। होली क्षेत्र के तोगी, चुनेड, चन्हौता, कुंर, अगासन, सिंयुर, तुन्दाह, बड़ग्राम और कुगति आदि क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं।
पेयजल संकट को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। लाहल, धनौर और घरेड़ जैसे गांवों में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से गर्मियों में स्थिति और गंभीर हो जाती है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और आवश्यक उपकरणों जैसे अल्ट्रासाउंड की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
मणिमहेश यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर भी अव्यवस्था का जिक्र किया गया है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसके अतिरिक्त, शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी उत्पन्न होने और क्षेत्र में शैक्षिक सुविधाओं के प्रभावित होने की बात कही गई है। साथ ही जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक विद्यालय को सीबीएससी पैटरन के अंतर्गत संचालित करने तथा कन्या विद्यालय के नामकरण संत कृष्ण गिरि के नाम पर करने की मांग भी रखी गई है।

विधायक ने प्रशासन से इन सभी समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करने की मांग की है।
भाजपा ने आज की जन आक्रोश रैली के माध्यम से एक पंथ दो काज कर लिए हैं। विरोध रैली के माध्यम से उसने लोगों तक अपना संदेश पहुंचाया तो इसके साथ-साथ संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन भी कर लिया जिसमें कार्यकर्ताओं के मनोबल परीक्षण भी हो गया।
