घोघड़, चम्बा 07 अप्रैल : जनजातीय मुख्यालय भरमौर में सफाई व्यवस्था के लिए नई प्रणाली का ट्रायल किया जा रहा है। जिसके तहत मुख्यालय के एक निर्धारित व सीमित क्षेत्र के घरों से सूखा कूड़ा एकत्रित कर उसे वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करने के लिए भेजा जाएगा। लेकिन इस प्रक्रिया में कुछ खामियां पाए जाने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के तहत कूड़ा एकत्रित करने की नई प्रणाली आरम्भ की गई है जिसके लिए स्थानीय लोग प्रशासन का भरपूर सहयोग भी कर रहे हैं परंतु यह अभी तक प्रभावी नहीं हो पाई है। प्रशासन के प्रयासों के बावजूद मुख्यालय में कूड़े के ढेर लगे हैं। हटाए गए कूड़ेदानों के स्थानों पर सफाई नहीं की गई है। कई सार्वजनिक स्थलों पर एकत्रित किया गया कूड़ा इधर-उधर फैल रहा है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मी कुछ घरों से सूखा कूड़ा तो ले रहे हैं परंतु गीला कचरा नहीं ले रहे हैं। जिससे गीले कचरे के निपटारे की समस्या खड़ी हो गई है।

स्थानीय समाज सेवी राजेंद्र कपूर व उनके सहयोगियों ने आज इस संदर्भ में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा से इस समस्या का स्थाई हल निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि घरों में बचा हुआ गीला कचरा प्रशासन द्वारा एकत्रित न किए जाने के कारण उसे आस पास के खुले क्षेत्र में ही फेंका जा रहा है। जिससे गंदगी और अधिक बढ़ने लगी है।

स्थानीय निवासी सुरेश शर्मा, वरिष्ठ नागरिक हरि राम ठाकुर, मनोज कुमार, करनैल सिंह ने कहा कि स्थानीय लोगों के पास गीले कचरे को निपटाने के लिए खेत-खलिहान जैसे स्थान मौजूद हैं। जहां वे अपने घर के कचरे को ठिकाने लगा रहे हैं परंतु किराये आवास में रहने वाले लोग अपने रसोईघर के बचे भोजन, सलाद, फल, सब्जी के छिलके, बच्चों के डाइपर जैसे कचरे को कहां डाल रहे हैं ?

लोगों का कहना है कि घरों से गीला कचरा न उठाए जाने के कारण भरमौर मुख्यालय में सरकारी व किराये के आवास में रह रहे कर्मचारी, अधिकारी व अन्य भागों से यहां रह रहे लोगों को गीले कचरे के निपटारे में अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मियों द्वारा न लिए जाने के कारण वे नजर बचाकर गीले कचरे को इधर-उधर ठिकाने लगा रहे हैं। जिससे मुख्यालय में गंदगी बढ़ रही है।

लोगों ने मांग की है कि प्रशासन गीला कचरा उठाने की व्यवस्था भी करे ताकि मुख्यालय में साफ-सफाई का कार्य प्रभावी ढंग से हो सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्यालयों की नालियों की सफाई भी करवाई जाए व सफाई कार्य की लगातार निगरानी भी करवाई जाए ताकि कार्य पर खर्च किए जा रहे धन का सदुपयोग हो।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यालय को साफ-सुथरा बनाने के लिए सफाई व्यवस्था के लिए शहरी तर्ज पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्य किया जा रहा है। इसे प्रभावी बनाने के लिए कुछ समय लगेगा जिसमें स्थानीय लोगों का सहयोग आपेक्षित है। उन्होंने गीला कचरा के कारण उत्पन्न हुई समस्या को सुलझाने के लिए सफाई कर्मियों को गीला कचरा अलग से एकत्रित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लोग अपने घर में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करके रखें जिसे सफाई कर्मी को अलग सौंपें।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी द्वारा घरों से निकले गीले कचरे को भी एकत्रित करने के निर्देशों के बाद मुख्यालय में साफ-सफाई के कार्य में सुधार दिख सकता है।

