घोघड़, चम्बा, 31 मार्च : कल एक अप्रैल 2026 से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमौर की कक्षाएं रावमापा भरमौर परिसर में लगेंगी। सह शिक्षा के उद्देश्य से विलय किए गए विद्यालयों में शामिल राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमौर की छात्राओं का पठन-पाठन अब राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमौर परिसर में आरम्भ होगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमौर प्रशासन ने इस सम्बंध में तैयारियां पूरी कर ली हैं।
+2 कक्षा की छात्र संख्या को छोड़कर करीब 200 छात्र संख्या वाले इस विद्यालय में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत करीब 200 छात्राओं का विलय होने से विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या करीब दोगुनी हो जाएगी।
प्रधानाचार्य अरुणा चाढ़क ने कहा कि कल 01 अप्रैल 2026 से इस विद्यालय परिसर में छठी से 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं एक साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे । कक्षाओं का सिटिंग अरेंजमेंट बना लिया गया है। बहरहाल जमा दो व दसवीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं के कारण छात्रों की संख्या कम है ऐसे में कल रावमापा परिसर में सभी कक्षाएं आरम्भ की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि कल से दसवीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की जमा एक कक्षा में अस्थाई दाखिले आरम्भ हो जाएंगे। जमा एक कक्षा में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थी अपने मूल विद्यालय से चरित्र प्रमाण पत्र लेकर आएं। यह दाखिले 10 अप्रैल 2026 तक किए जाएंगे जबकि 11 अप्रैल से नियमित कक्षाएं आरम्भ हो जाएंगी। प्रधानाचार्य ने कहा कि सभी अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला निर्धारित समय के अनुसार करवा लें ताकि बच्चों की पढ़ाई समय पर आरम्भ हो सके।
प्रधानाचार्य ने कहा कि आज इस विद्यालय की कक्षा नवम् व जमा एक का वार्षिक परीक्षा परिणाम भी घोषित किया गया है जोकि सौ प्रतिशत रहा है।
गौरतलब है कि कन्या विद्यालय के उच्च विद्यालय पर स्तरोन्नत होने से पूर्व इस विद्यालय में कक्षा नवम् से +2 के छात्र-छात्राएं एक साथ शिक्षा ग्रहण करते रहे हैं।
इस दौरान अध्यापक-अभिभावक संघ की बैठक का आयोजन भी किया गया जिसमें शिक्षा संवाद विषय पर चर्चा हुई। बैठक में अभिभावकों ने सह शिक्षा के अंतर्गत स्कूलों के विलय के निर्णय को उचित बताया। अभिभावकों ने सरकार से मांग की कि राजकीय कन्या विद्यालय का इस विद्यालय में विलय होने के बाद विद्यार्थियों की संख्या दोगुनी हो गई है इसलिए इस संस्थान में व्यवस्था विस्तार के लिए तुरंत कदम उठाएं जाएं।

