घोघड़, चम्बा, 24 मार्च : राजकीय महाविद्यालय भरमौर ने आज अपना 14वां वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्यातिथि प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चम्बा मनीष वर्मा रहे। मेजबान महाविद्यालय प्राचार्य डॉ हेमन्त पाल ने महाविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने इस महाविद्यालय के अस्तित्व में आने से लेकर आज तक हुए इसके चरणबद्ध हुए विकास पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थिति व संसाधन की कमी के बावजूद क्षेत्र बच्चे शिक्षा के प्रति गम्भीर हैं। महाविद्यालय में शिक्षकों के स्वीकृत 15 पदों में से 05 पद रिक्त व गैर शिक्षक वर्ग के 15 में से 08 पद रिक्त होने के बावजूद विद्यार्थियों की शिक्षा को प्रभावित नहीं होने दिया गया है। वर्तमान में इस महाविद्यालय में 206 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जिनमें 66 प्रतिशत संख्या छात्राओं की है।
उन्होंने बताया कि इस सत्र में 48 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति स्वीकृत हुई है। विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने हेतु महाविद्यालय में समय-समय पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं जिनमें Career Guidance and Placement Cell द्वारा तजुर्बा व्याख्यान कार्यक्रम, Hepatitis जागरूकता कार्यक्रम, हिन्दी भाषा दिवस, जनजातीय गौरव दिवस, हिप्र विश्वविद्यालय Youth Festival Group-1, हिप्र विश्वविद्यालय Youth Festival Group-3, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, नशा मुक्ति अभियान, NCC, महाविद्यालय की खेलकूद प्रतियोगिताएं, गृह परीक्षाएं आयोजित करने के अलावा महाविद्यालय के ढांचागत विकास के अंतर्गत महाविद्यालय भवन में स्टेज मंच, Digital Podium, Smart Classroom, भवन में जिम की स्थापना, Girls’ Common Room, परिसर में इंटरनेट सुविधा, Open Public Library जैसे निर्माण कार्य किए गए हैं जिससे शिक्षा के माहौल को बढ़ाया गया है।
प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय के विद्यार्थी शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़ कर योगदान दे रहे हैं जिसके तहत मणिमहेश यात्रा 2025 के दौरान आई आपदा के समय विद्यार्थियों ने यात्रियों के भोजन से लेकर उनके ठहरने तक की तमाम व्यवस्थाएं सम्भालीं। महाविद्याय में रैड रिबन क्लब, राष्ट्रीय सेवा योजना, सड़क सुरक्षा क्लब, अध्यापक अभिभावक संघ जैसे संगठन विद्यार्थियों के उत्थान में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करके निकले विद्यार्थी की सरकारी गैर सरकारी विभागों में कार्य कर रहे हैं जबकि कई उच्च पदों पर पह पहुंचे हैं जिनमें से तीन पूर्व विद्यार्थी इसी महाविद्यालय में सहायक आचार्य के तौर पर कार्य करते हुए इस क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा की लौ से भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं ।
इस अवसर मुख्यातिथि डॉ मनीष वर्मा ने कहा कि उनकी पहली नियुक्ति इसी महाविद्यालय में बतौर सहायक प्रोफेसर के तौर पर हुई थी। यहां का शांतिपूर्ण माहौल गुणात्मक शिक्षा के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का Academic Staff बेहद अनुभवी है, विद्यार्थियों को उनके अनुभव का पूरा लाभ लेना चाहिए । मुख्यातिथि ने इस अवसर पर उन्होंने मेधा प्रोत्साहन हेतु विद्यार्थियों के लिए 11 हजार रुपए की राशि भी प्रदान की। समारोह में विद्यार्थियों सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर मुख्यातिथि ने अकादमिक, खेल, सामाजिक कार्यों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को इनाम देकर सम्मानित किया। इस समारोह में महाविद्यालय के स्टाफ, अभिभावकों व विभिन्न विभागों के आमंत्रित अधिकारी कर्मचारियों ने भी भाग लिया।

