घोघड़, चम्बा, 1 जून 2026 : जिला परिषद भरमौर वार्ड से भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री लीला शर्मा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित करते हुए तीसरी बार चुनाव जीत लिया है। 75 वर्षीय लीला शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी उपासना को 4379 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर जिला परिषद में वापसी की है। उनकी जीत को भरमौर क्षेत्र में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
आधिकारिक परिणामों के अनुसार लीला शर्मा को कुल 9425 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी उपासना को 5046 मत मिले। अन्य प्रत्याशियों में आरती देवी को 2666, रीना देवी को 1507 तथा कंचू देवी को 898 मत प्राप्त हुए। वहीं 162 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। निर्वाचन में 71 मत अस्वीकृत घोषित किए गए। कुल 19632 विधिमान्य मत दर्ज किए गए।
परिणाम एक नजर में
| प्रत्याशी | प्राप्त मत |
|---|---|
| लीला शर्मा | 9425 |
| उपासना | 5046 |
| आरती देवी | 2666 |
| रीना देवी | 1507 |
| कंचू देवी | 898 |
| नोटा | 162 |
चुनाव परिणाम
- विजेता: लीला शर्मा
- निकटतम प्रतिद्वंद्वी: उपासना
- जीत का अंतर: 4379 मत (9425 – 5046) ✔️ जीत का अंतर : 4379 मत।
जिला परिषद भरमौर वार्ड का भौगोलिक एवं राजनीतिक महत्व काफी बड़ा माना जाता है। इस वार्ड में विकास खंड भरमौर के अतिरिक्त विकास खंड मैहला की कुछ पंचायतें भी शामिल हैं। ऐसे में इस सीट का चुनाव हमेशा राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का विषय रहा है।
राजनीति में संघर्ष और वापसी की कहानी :
लीला शर्मा की राजनीतिक यात्रा भी काफी रोचक रही है। उन्होंने अपनी मैट्रिक शिक्षा राजकीय उच्च विद्यालय घुघर, पालमपुर से पूरी की। इसके बाद वे जल शक्ति विभाग में एसडीसी (Senior Division Clerk) के पद पर कार्यरत रहीं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम शर्मा के साथ विवाह के बाद उन्होंने सरकारी सेवा छोड़ दी और उनके राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कर दीं।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने जिला परिषद भरमौर वार्ड से वर्ष 2010 और 2015 से पूर्व हुए चुनावों में लगातार दो बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पहचान बनाई। हालांकि वर्ष 2015 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। वर्ष 2020 के जिला परिषद चुनाव में भी उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा।
इस बार भाजपा नेतृत्व ने उनके राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में प्रभाव को देखते हुए उन्हें पुनः चुनाव मैदान में उतारा। पार्टी का यह निर्णय सफल साबित हुआ और भाजपा इस महत्वपूर्ण सीट को अपने खाते में रखने में कामयाब रही।
जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने का भरोसा :
चुनाव में जीत हासिल करने के बाद लीला शर्मा ने जिला परिषद वार्ड के सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपता है, उसे पूरा करने का वह हरसंभव प्रयास करती हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह उसे टूटने नहीं देंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला परिषद वार्ड की समस्याओं और विकास संबंधी मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के लिए वह हर स्तर पर कार्य करेंगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लीला शर्मा की यह जीत न केवल उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता का प्रमाण है, बल्कि भरमौर क्षेत्र में भाजपा संगठन की जमीनी पकड़ को भी मजबूत करती है। वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव और क्षेत्रीय पहचान का लाभ भाजपा को इस चुनाव में स्पष्ट रूप से मिला है।

