घोघड़, भरमौर, 9 जून 2026 : आगामी पवित्र मणिमहेश यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारू बनाने के उद्देश्य से प्रशासन कुछ तैयारियां कर रहा है। इसी कड़ी में एडीएम भरमौर विकास शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हड़सर-धणछो पैदल मार्ग का विस्तृत निरीक्षण कर यात्रा मार्ग की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण दल में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत विभाग तथा वन्यजीव विभाग के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने पैदल चलकर मार्ग के संवेदनशील और क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण किया तथा चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया।
एडीएम ने बताया कि पिछले मानसून के दौरान भारी वर्षा और भूस्खलन से यात्रा मार्ग के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा था। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस वर्ष समय रहते पुनर्निर्माण और वैकल्पिक मार्गों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा या जोखिम का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त पुलों और असुरक्षित स्थलों पर चर्चा हुई। प्रशासन के अनुसार जिन स्थानों पर पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहां वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के सहयोग से अस्थायी लकड़ी के पुल स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक आकलन भी मौके पर किया गया।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष यात्रा के दौरान लगातार बारिश के कारण हड़सर-मणिमहेश पैदल मार्ग कई स्थानों पर प्रभावित हुआ था, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इस बार प्रशासन अंतिम समय की चुनौतियों से बचने के लिए पहले से ही व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है।
हालांकि, उपमंडल प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर आवागमन को लेकर अभी तक कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। मार्ग की स्थिति का आकलन किए जाने के बावजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही की अनुमति संबंधी दिशा-निर्देशों का इंतजार बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मणिमहेश यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार है। यात्रा मार्ग पर लगने वाली अस्थायी दुकानों और सेवाओं से अनेक परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में वे चाहते हैं कि मार्ग को जल्द सुरक्षित बनाकर आवश्यक निर्णय लिए जाएं।
स्थानीय लोगों के अनुसार तोस का गोठ और धण्छो से आगे के कुछ हिस्से अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं, जहां अतिरिक्त सुरक्षा और सुदृढ़ीकरण कार्यों की आवश्यकता है। प्रशासन ने 20 मई से 03 जून तक रास्तों की मरम्मत कार्यों हेतु लोगो के आवागमन पर रोक भी लगाई थी। प्रशासन से पर्याप्त समय और सुविधाएं दिए जाने के बावजूद रास्ता मरम्मत का कार्य धीमी गति से चल रहा है।

