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घोघड़, शिमला, 19 जून 2026 : स्कूलों के आसपास स्थित दुकानों के लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। यह निर्देश उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने तंबाकू नियंत्रण संबंधी जिला स्तरीय समन्वय समिति की समीक्षा बैठक में दिए।

उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों के निकट जिन दुकानों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, उनकी समीक्षा की जाएगी। भविष्य में किसी भी दुकान का लाइसेंस केवल भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही जारी किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी निरीक्षण रिपोर्ट के बिना लाइसेंस जारी करता पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अपने संस्थान के 100 गज दायरे में स्थित दुकानों का निरीक्षण करने का अधिकार है। यदि किसी दुकान में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पाई जाती है तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्यों को समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त ने कहा कि न्यायालय के निर्देशों तथा कोटपा (COTPA) अधिनियम के तहत किसी भी स्कूल, कॉलेज अथवा अन्य शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, बीड़ी या अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है।

बैठक में बताया गया कि बसंतपुर ब्लॉक में कई दुकानदारों ने प्रशासन को लिखित आश्वासन दिया है कि वे किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करेंगे। इसे सामुदायिक सहयोग की एक सकारात्मक पहल बताया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला के अस्पतालों में ‘तंबाकू मुक्त अस्पताल परिसर बॉक्स’ स्थापित किए गए हैं, जिनमें मरीज और तीमारदार अस्पताल में प्रवेश से पहले तंबाकू उत्पाद जमा कर रहे हैं।

एनएचएम के सहयोग से किए गए एक सर्वेक्षण में शिमला के मॉल रोड क्षेत्र में 3.31 किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया गया। सर्वेक्षण में पाया गया कि स्कूलों के दायरे में आने वाली लगभग 17.5 प्रतिशत दुकानों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लाइसेंस जारी किए गए हैं।

उपायुक्त ने आम जनता, व्यापारियों और संस्थानों से कोटपा अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण पालन करने की अपील करते हुए कहा कि तंबाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों सहित अनेक गंभीर रोगों का प्रमुख कारण है। तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में सभी की भागीदारी आवश्यक है।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) पंकज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कोटपा अधिनियम के प्रमुख प्रावधान

  • सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पूर्णतः प्रतिबंधित।
  • उल्लंघन करने पर 200 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान।
  • 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना दंडनीय अपराध।
  • शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित।
  • तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण रोक।

खुली सिगरेट और बीड़ी बेचने पर रोक

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2016 से लागू कानून के तहत खुली अथवा एकल सिगरेट और बीड़ी की बिक्री प्रतिबंधित है। दुकानदार बिना पैकेट के सिगरेट या बीड़ी न तो बेच सकते हैं और न ही बिक्री के लिए प्रदर्शित कर सकते हैं।

उल्लंघन पर कड़ी सजा

पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर तीन माह तक कारावास या 50 हजार रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। पुनरावृत्ति की स्थिति में एक वर्ष तक का कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही अवैध रूप से बेचे जा रहे तंबाकू उत्पादों को जब्त भी किया जा सकता है।


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