घोघड़, भरमौर (चम्बा), 21 जून 2026 : जनजातीय क्षेत्र भरमौर के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध चौरासी मंदिर प्रांगण में शनिवार को 12वें विश्व योग दिवस के अवसर पर उपमंडल स्तरीय योग शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत भरमौर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र भर से आए करीब 250 लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर योग के प्रति अपनी आस्था और जागरूकता का परिचय दिया।
प्रातःकाल आयोजित इस योग शिविर में स्कूली विद्यार्थियों, सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, समाजसेवियों तथा स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में तहसीलदार भरमौर तेज राम भारद्वाज मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत भरमौर की प्रधान ऊषा देवी ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यातिथि ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसने आज पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, संतुलन और मानसिक शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से नियमित रूप से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
ग्राम पंचायत भरमौर के सचिव पवन कुमार ने बताया कि विश्व योग दिवस के सफल आयोजन के लिए पंचायत द्वारा विशेष प्रबंध किए गए थे। प्रतिभागियों के लिए योग मैट, फलाहार, जूस तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी ताकि अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में शामिल होकर योग के लाभ प्राप्त कर सकें।
शिविर के दौरान चौरासी मंदिर परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल लोगों को योग के प्रति जागरूक करते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। विश्व योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस सामूहिक योग शिविर ने भरमौर क्षेत्र में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक संदेश दिया।

