घोघड़, भरमौर, 3 जून 2026 : जनजातीय क्षेत्र भरमौर की ग्राम पंचायत पूलन के अंतर्गत नीनस-पालण जंगल के समीप बीती रात जंगली जानवर के हमले में एक पशुपालक को भारी नुकसान उठाना पड़ा। देर रात हुए हमले में 8 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 5 भेड़ें अब भी लापता हैं। घटना के बाद क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
ग्राम पंचायत पूलन के प्रधान अंग्रेज कपूर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पालण निवासी जोगिंदर पुत्र कौंर की भेड़-बकरियों का रेवड़ जंगल से सटे चरागाह क्षेत्र में ठहरा हुआ था। मंगलवार देर रात करीब तीन बजे किसी जंगली शिकारी जानवर ने रेवड़ पर हमला कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि 8 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य जानवर इधर-उधर भाग गए। इनमें से 5 भेड़ें अभी तक नहीं मिल पाई हैं।
प्रधान अंग्रेज कपूर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राजस्व, वन एवं पुलिस विभाग को अवगत कराया गया। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रारंभिक जांच में हमला किसी जंगली शिकारी जानवर द्वारा किया जाना माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र भरमौर में बड़ी संख्या में परिवार अपनी आजीविका के लिए भेड़ पालन एवं पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं सीधे तौर पर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती हैं। उन्होंने प्रशासन एवं वन विभाग से प्रभावित पशुपालक को शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।
प्रधान ने यह भी कहा कि वन विभाग को जंगल से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ानी चाहिए तथा पशुपालकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी उपाय लागू करने चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे पशुधन के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष सुरक्षा योजना तैयार की जाए, ताकि पशुपालकों की आजीविका सुरक्षित रह सके और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

