घोघड़, चम्बा, 19 फरवरी : जिला में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में आज उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि छात्राओं और उनके अभिभावकों को टीके की उपयोगिता और सुरक्षा के बारे में सही जानकारी मिल सके।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि 28 फरवरी को स्कूलों में होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) में एचपीवी टीकाकरण पर चर्चा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को टीकाकरण की प्रक्रिया, लाभ और उससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में सरल भाषा में जानकारी देने को कहा गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, जिला चम्बा में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 5992 बालिकाओं की पहचान की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 27 कोल्ड चैन प्वाइंट्स के माध्यम से यह टीका निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। बाज़ार में 8 से 10 हजार रुपये कीमत वाली यह वैक्सीन सरकार द्वारा पूरी तरह मुफ्त प्रदान की जा रही है।
उपायुक्त ने अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय के प्रतिनिधियों से अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पात्र बालिकाओं का प्री-रजिस्ट्रेशन स्वास्थ्य विभाग के यू-विन ऑनलाइन पोर्टल (uwin.mohfw.gov.in) पर किया जा सकता है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वैभवी ने बैठक में अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि यह टीका एकल खुराक (सिंगल डोज) के रूप में बाएं ऊपरी बाजू में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के समय बच्ची का खाली पेट न होना जरूरी है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, जिला विकास अधिकारी देवेंद्र चिनोरिया, जिला पंचायत अधिकारी तिलक कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. कर्ण हितैषी, एमओएच डॉ. कविता महाजन, ओएसडी उमाकांत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

