घोघड़, चम्बा, 04 अप्रैल : बचपन में जिन बुजुर्गों की गोद में खेलकर बड़े हुए, जवान होने पर गांव के उन बुजुर्गों से किनारा करने के सैकड़ों तर्क दिए जा सकते हैं कि रोजगार की तलाश में रहने के कारण उनके साथ बैठने का समय नहीं मिलता, बुजुर्गों को आधुनिक जीवनशैली का कुछ पता नहीं इसलिए उनके साथ तालमेल नहीं बिठा सकते, बुजुर्ग हमेशा पुरानी बातें करते हैं इसलिए उनसे नई बात कैसे सीखें जैसे तर्क देकर युवा वर्ग वरिष्ठ नागरिकों से किनारा करता नजर आ रहा है।
परंतु इन Outdated लगने वाले बुजुर्गों के पास अनुभव नाम की ऐसी कुंजी होती है जो किताबों या Online नहीं मिलती। युवा वर्ग अगर उनके इस गुण को प्राप्त कर लें तो वे उन ठोकरों से बच सकते हैं जो लोगों को उन्नति की राह में अक्सर गिरा देती हैं।
इसी जैनरेशन गैप को कम करने व युवाओं को बुजुर्गों के अनुभव का लाभ दिलाने के उद्देश्य से कार्यालय, तहसील कल्याण अधिकारी, भरमौर द्वारा कुगती में एक अंतरपीढ़ी संवाद शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्थानीय क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं सहित 100 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

तहसील कल्याण अधिकारी विकास पखरेटिया ने कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं के बीच संवाद स्थापित करने हेतु एक सशक्त मंच प्रदान करना था, जिससे वे अपने अनुभव, विचार एवं जीवन मूल्यों का आदान-प्रदान कर सकें। इस दौरान गांव की दो पीढ़ियों पीढ़ियों के बीच आपसी समझ, सम्मान एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावे पर चर्चा की गई।
शिविर के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन के अमूल्य अनुभव एवं परंपरागत ज्ञान साझा किया। इस दौरान युवाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। यह संवाद शिविर सभी वर्गों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं लाभकारी सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में कुगती गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा अपने अनुभवों एवं जीवन के दृष्टिकोण को साझा किया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा।
इस अवसर पर एसडीएम, भरमौर विकास शर्मा द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया तथा उन्हें शाल एवं टोपी भेंट कर सम्मानित किया गया। उपमंडलाधिकारी से सम्मान पाकर वरिष्ठजनों का उत्साहवर्धन तो हुआ ही, कार्यक्रम की गरिमा भी बढ़ गई। कार्यक्रम का समापन आपसी सहयोग, सम्मान एवं पीढ़ियों के बीच निरंतर संवाद के संदेश के साथ हुआ।

