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घोघड़, चम्बा, 17 फरवरी :  सोशल मीडिया में आज प्रसिद्ध भरमाणी माता मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों को तोड़े जाने व मंदिर गेट के ताले तोड़ने के समाचार प्रसारित हो रहे। मामले की पुष्टि हेतु तहसीलदार भरमौर तेज राम से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास इस संदर्भ में सूचना पहुंची है। मामले की सच्चाई जानने के लिए मणिमहेश न्यास की ओर से पुलिस जांच करवाई जाएगी। बहरहाल अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

गौरतलब है कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के दिन भरमाणी माता मंदिर के बाहर स्थानीय लोगों ने भंडारे का आयोजन किया था वहीं कुछ पुजारी भी उस दिन मंदिर में थे। उस समय किसी ने भी मामले की शिकायत प्रशासन को नहीं की । उधर कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि जनवरी माह में हिमपात के दौरान पहाड़ पर फंसे मलकौता गांव के युवकों की तलाश को गए ग्रामीणों ने भी दानपात्रों के ढक्कन खुले ही देखे थे। जबकि कुछ लोगों का कहना है कि दानपात्रों के ढक्कन मणिमहेश यात्रा के बाद अक्सर खुले ही देखे हैं।

इस वर्ष मौसम की खराबी के कारण मणिमहेश यात्रा वैसे ही बंद हो गई थी। मणिमहेश न्यास यात्रा के बाद दानपात्रों से चढ़ावा निकाल लेता है जिसके बाद यूं भी यात्रियों का आवागमन ठप्प हो गया था। फिर न तो प्रशासन व न ही अन्य लोगों ने भरमाणी मंदिर के दानपात्रों की दशा पर ध्यान दिया।

बहरहाल दानपात्रों की सुरक्षा के प्रबंध न्यास द्वारा क्यों नहीं किए जाते इस प्रश्न का स्पष्ट उत्तर न्यास के पास नहीं है।

15 फरवरी को भरमाणी माता मंदिर के भीतर की तस्वीर

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