घोघड़, चम्बा 28 दिसम्बर : हिप्र के बर्फबारी वाले जनजातीय क्षेत्रों में शीतकाल के पांच माह का राशन अग्रिम कोटे के रूप में प्रदान किया जाता है। इस वर्ष सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन के लिए उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। उपभोक्ताओं को इस वर्ष दिसम्बर माह के अंतिम सप्ताह में चावल व दालें उपलब्ध करवाई जा रही हैं ।

परंतु आज सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं पर पहुंची नई खेप के चावलों में कीड़े निकलने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम पंचायत गरीमा के रैहला गांव के एक उपभोक्ता गत दिवस अपने डिपो से अपने कोटे के चावल लेकर गए थे। उपभोक्ता ने कहा कि घर की महिलाओं ने आज दोपहर जब चावल की छंटाई-सफाई की तो उसमें से बहुत से कीड़े निकले। उपभोक्ता ने इसका एक वीडियो भी बना लिया।
घोघड़ ने इस मामले में डिपो धारक से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि उनके डिपो पर परसों ही राशन की नई खेप पहुंची थी। पिछले कल व आज क्षेत्र के राशन कार्ड धारक अपना शेष राशन चावल व दालें ले जा रहे हैं। परंतु अभी एक उपभोक्ता ने चावल में कीड़े निकलने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि खराब चावल वाले उपभोक्ता चावल बदलकर ले सकते हैं।
उधर इस बारे में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निरीक्षक मनोज कुमार ने कहा कि एक उपभोक्ता के चावलों में कीड़े निकलने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि राशन इस समय पहुंची चावल की खेप नई है। उपभोक्ता को खराब चावल के बदले नए चावल देने के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया है।
बोरी पर चावल की फसल का वर्ष 2024-25 अंकित किया गया है।
उधर दूसरी स्थानीय विधायक डॉ जनक राज ने मामले को गम्भीर बताते हुए कहा कि यह लोगों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि पहले सरकार भरमौर क्षेत्र में पूरा राशन समय पर नहीं दे पा रही थी। इस मामले को उन्होंने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सचिव के समक्ष रखकर क्षेत्र में राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई है तो अब चावल में कीड़े निकलने की शिकायत सामने आ गई है।
विधायक ने कहा कि क्षेत्र के डिपुओं में ताजा व साफ सुथरा राशन उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि गोदामों से डिपो को भेजी जा रही राशन की खेप की गुणवत्ता जांचने के बाद ही उसे डिपो को भेजा जाए। क्योंकि उसके बाद उसे बदलने व लौटाने की प्रक्रिया पेचीदा हो जाती है। लोगों को कई किमी दूर से राशन उठाकर ले जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर नई फसल की खेप राशन की सप्लाई में दी गई है तो इस बात की जांच होनी चाहिए कि कहीं नए पैक में पुराना माल तो नहीं खपाया जा रहा है।
गौरतलब है कि इस वर्ष भरमौर क्षेत्र के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को शीतकालीन राशन का अग्रिम कोटा एकमुशेत नहीं मिला है । पहले आटा व तेल उपलब्ध करवाया गया चावल, दालें व चीनी न मिलने पर लोगों ने खूब हो हल्ला किया और स्थानीय विधायक ने जब मामला प्रदेश सरकार के सचिव के समक्ष उठाया तब जाकर दिसम्बर माह के अंतिम सप्ताह में चावल व दालें उपभोक्ताओं को मिलनी आरम्भ हुई हैं। लेकिन चीनी अभी भी डिपो पर नहीं पहुंची है।
हालांकि अभी एक ही उपभोक्ता से डिपो के चावल में कीड़े पाए जाने की शिकायत मिली है चूंकि अभी राशन की सप्लाई पहुंचे बी दो दिन ही हुए हैं ऐसे में जैसे-जैसे उपभोक्ता अपने राशन की छंटाई-सफाई का कार्य करेंगे तो स्थिति अधिक साफ जाएगी। बहरहाल उपभोक्ता डिपुओं से अपना राशन जल्दी से जल्दी उठाकर घर पहुंचा लेना चाहते हैं ताकि हिमपात से पूर्व उनके परिवार को भोजन का कमी न होने पाए।

