घोघड़, ऊना, 5 जनवरी : हिमाचल प्रदेश परिवहन निदेशालय ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल करते हुए “सड़क सुरक्षा फिल्म महोत्सव” का आयोजन किया है। इस अभियान के तहत आम नागरिकों को लघु फिल्मों और वीडियो के माध्यम से रचनात्मक सहभागिता का अवसर दिया जा रहा है, ताकि सड़क पर सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार को प्रोत्साहित किया जा सके।
इस महोत्सव का उद्देश्य वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और यात्रियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति संवेदनशील बनाना है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और अमूल्य जीवन की रक्षा सुनिश्चित हो सके। परिवहन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा विषय पर आधारित अपनी लघु फिल्म या वीडियो 15 फरवरी, 2026 तक जमा करवाएं।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऊना, अशोक कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है। प्रतिभागी सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर हिंदी या अंग्रेज़ी भाषा में लघु वीडियो तैयार कर सकते हैं। प्रतियोगिता से संबंधित नियम एवं शर्तें परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियां ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से या विभागीय ईमेल पर भेज सकते हैं। इसके अलावा, इच्छुक प्रतिभागी अपनी लघु फिल्म/वीडियो परिवहन निदेशालय, सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ, हिमाचल प्रदेश, शिमला में व्यक्तिगत रूप से भी जमा करवा सकते हैं। https://docs.google.com/forms/
इस फिल्म महोत्सव में आम नागरिकों, विद्यार्थियों और पेशेवर फिल्म निर्माताओं को भाग लेने का अवसर दिया गया है। प्रतिभागी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष (10 दिसंबर, 2025 या उससे पूर्व) निर्धारित की गई है। देशभर से प्रविष्टियां स्वीकार की जाएंगी। लघु फिल्म या वीडियो सड़क सुरक्षा विषय पर आधारित होनी चाहिए, जिसकी अधिकतम अवधि 5 मिनट होगी।
आरटीओ अशोक कुमार ने बताया कि चयनित सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 18 से 25 वर्ष, 25 से 32 वर्ष, 32 से 40 वर्ष और 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की श्रेणियों में प्रत्येक वर्ग के विजेता को 25 हजार रुपये, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 20 विशेष पुरस्कार भी रखे गए हैं, जिनमें प्रत्येक के अंतर्गत 5 हजार रुपये और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
यह महोत्सव रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से सड़क सुरक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

