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घोघड़, धर्मशाला, 29 जनवरी : हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज जोनल अस्पताल धर्मशाला की रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की गवर्निंग बॉडी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अस्पताल की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अधोसंरचना विकास, चिकित्सा उपकरणों की खरीद, मरम्मत एवं रखरखाव, मानव संसाधन तथा पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता के क्षेत्र हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों। इसके लिए अस्पतालों में व्यवस्थागत सुधार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का चरणबद्ध विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछली गवर्निंग बॉडी बैठकों में लिए गए निर्णयों पर समयबद्ध और गंभीरता से अमल सुनिश्चित किया जाए। जिन कार्यों को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है, उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाना चाहिए।

प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि सरकार उप-मंडल स्तर के अस्पतालों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां रोगियों की स्क्रीनिंग, प्राथमिक जांच और प्रारंभिक उपचार प्रभावी ढंग से किया जा सके। यहां से केवल गंभीर मामलों को ही जिला अथवा जोनल अस्पतालों में रेफर करना पड़ेगा, जिससे बड़े अस्पतालों पर बोझ कम होगा और मरीजों को बेहतर सेवाएँ मिल सकेंगी।

उन्होंने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में एडवांस सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं को चरणबद्ध रूप से लागू करने के लिए सरकार प्रयासरत है, ताकि प्रदेश के मरीजों को उपचार के लिए बाहर न जाना पड़े।

बैठक में जोनल अस्पताल धर्मशाला के विभिन्न विभागों में चल रहे विकास कार्यों, उपकरणों की खरीद, मरम्मत एवं रखरखाव, बजट प्रावधानों और आगामी वित्तीय वर्ष की आवश्यकताओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) अनुराधा शर्मा ने जानकारी दी कि वर्तमान में जोनल अस्पताल धर्मशाला में 34 डॉक्टर कार्यरत हैं, जिनमें 23 विशेषज्ञ शामिल हैं। अस्पताल में चार ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध हैं। वर्ष 2025 के दौरान अस्पताल में 2.91 लाख से अधिक ओपीडी रोगियों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 300 बेड की क्षमता है तथा रोगियों को 350 प्रकार की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक करोल, रोगी कल्याण समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जोनल अस्पताल धर्मशाला की गवर्निंग बॉडी बैठक का मुख्य विषय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता से जुड़ा था, जो सीधे तौर पर आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य से संबंधित है।

  • इस तरह की बैठकों से अस्पतालों में डॉक्टरों, दवाइयों, उपकरणों और अधोसंरचना की कमियों की पहचान होती है।

  • उप-मंडल स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलने से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के लोगों को समय पर इलाज संभव होता है।

  • बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होने से गंभीर रोगियों को बेहतर और त्वरित उपचार मिल पाता है।

  • आधुनिक तकनीकों और उन्नत सर्जरी की योजना से भविष्य में मरीजों का इलाज प्रदेश में ही संभव होगा, जिससे आर्थिक और मानसिक बोझ घटेगा।

कुल मिलाकर, इस बैठक में लिए गए निर्णय आम जनता को बेहतर, सुलभ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।


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