घोघड़, चम्बा, 14 फरवरी : शिव भगवान को समर्पित महाशिवरात्रि पर्व यूं तो समूचे भारत में हर्षोल्लास से मनाया जाता है परंतु जनजातीय क्षेत्र भरमौर में इस त्योहार का विशेष महत्व है। माना जाता है शिवरात्रि के बाद वे धरती की सत्ता सम्भालते हैं। महाशिवरात्रि की रात वे भरमौर स्थित अपने मंदिर में विश्राम करने के बाद वे अगले दिन मणिमहेश के लिए रवाना होते हैं।
महादेव के चौरासी मंदिर प्रांगण में पहुंचने की खुशी में भरमौर क्षेत्र के लोग उनका स्वागत नुआला अर्पित करके करते हैं। भगवान शिव के स्वागत के लिए प्रसिद्ध चौरासी मंदिर परिसर को फूलों से सुसज्जित किया गया है। कल रात को यहां नुआला होगा।
महाशिवरात्रि पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए स्थानीय युवक मंडल ने पूरे परिसर की साज सज्जा की जिम्मेदारी सम्भाल रखी है जबकि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने महाशिवरात्रि के अवसर पर नुआला अर्पित करने की वार्षिक परम्परा को जीवित रखा है।
परिसर में कल शिवरात्रि उपवास करने वालों के लिए फलहार, पूजा सामग्री, भजन कीर्तन के साथ-साथ डीजे की व्यवस्था भी की गई है।

