घोघड़, ऊना, 26 मार्च : महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार ऊना जिले में अब आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है। पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से लाभार्थियों को राशन प्रदान किया जाएगा, जिसमें फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और मोबाइल नंबर पंजीकरण अनिवार्य होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने यह जानकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को सम्मानित करने के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि जिले के 1364 आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण की यह नई व्यवस्था लागू हो चुकी है। छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को राशन प्राप्त करने के लिए फेशियल रिकग्निशन अनिवार्य रहेगा। साथ ही, लाभार्थियों को अपनी ई-केवाईसी और मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराना आवश्यक होगा। इस डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और पोषाहार सही लाभार्थियों तक पहुंचेगा।
नरेंद्र कुमार ने यह भी बताया कि मार्च माह में जिले की विभिन्न परियोजनाओं में फेशियल रिकग्निशन की प्रक्रिया को तेजी से अपनाया गया है। ऊना जिले में यह प्रतिशत 13 से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे पोषाहार वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी हो गई है।