घोघड़, Shimla, 13 मार्च 2026 :
जिला में पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से पानी की टेस्टिंग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह बात उपायुक्त Anupam Kashyap ने जिला स्तरीय Jal Jeevan Mission के अंतर्गत आयोजित जिला वाटर एंड सैनिटेशन मिशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 3055 पेयजल स्रोत चिन्हित हैं, जिनमें से अब तक 18,985 जल नमूने लिए जा चुके हैं। जिले के 2536 गांवों में फील्ड टेस्ट किट वितरित की गई हैं, लेकिन इनका उपयोग लक्ष्य के मुकाबले लगभग 19 प्रतिशत ही हो पाया है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच निरंतर जारी रखी जाए।
जल जीवन मिशन के तहत योजनाओं की प्रगति
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में कुल 264 पेयजल योजनाएं हैं। इनमें से 203 योजनाएं भौतिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 114 योजनाएं वित्तीय रूप से भी पूरी हो गई हैं। इसके अलावा 61 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है और 89 योजनाएं वित्तीय रूप से अभी खुली हैं।
हर घर जल योजना के तहत जिले के 13 ब्लॉकों में से अब तक 4 ब्लॉकों को प्रमाणित किया जा चुका है। इसी तरह 412 चिन्हित पंचायतों में से 234 पंचायतें और 2536 गांवों में से 1621 गांव इस योजना के अंतर्गत प्रमाणित किए जा चुके हैं।
जिले में 100 प्रतिशत कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन
बैठक में बताया गया कि Functional Household Tap Connection (FHTC) के तहत जिले में कुल 1,72,266 घरेलू नल कनेक्शन स्थापित किए गए हैं और इस प्रकार जिला में 100 प्रतिशत कवरेज प्राप्त हो चुका है।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में निर्माणाधीन बड़ी पेयजल योजनाएं जो अंतिम चरण में हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण पाइप्ड वाटर सप्लाई जैसी छोटी योजनाओं को आगामी जल जीवन मिशन–2 के अंतर्गत मर्ज किया जाएगा, जिससे योजनाओं की संख्या कम होगी और उनके संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। इसके लिए अलग से पहचान संख्या भी जारी की जाएगी।
बैठक में एडीसी Sachin Sharma, मुख्य चिकित्सा अधिकारी Dr. Yashpal Ranta, जिला योजना अधिकारी Nivedita तथा जल शक्ति विभाग के विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।

