घोघड़,धर्मशाला, 17 मार्च : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें प्रदेश के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की योजनाएं घोषित की गई हैं।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत:
- गगल हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
- पालमपुर और रक्कड़ में हेलीपोर्ट के निर्माण की योजना बनाई गई।
- धर्मशाला में आईस स्केटिंग रिंक और पालमपुर व नगरोटा बगवां का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
- माता श्री ज्वालाजी मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा की गई।
- धर्मशाला को इवेंट सिटी के रूप में विकसित करने हेतु 200 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर की स्थापना होगी।
- पौंग डैम क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट-अप योजना’ शुरू की जाएगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी सुदृढ़
- ढगवार दुग्ध संयंत्र में डेयरी डेवलेपमेंट योजना के तहत नई केंद्रीय परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित होगी।
- कृषि एवं बागवानी में आधुनिकीकरण के लिए जिला कांगड़ा में ड्रोन स्टेशन स्थापित किया जाएगा।
- गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 45 से बढ़ाकर 51 रुपये और भैंस के दूध का मूल्य 55 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया गया।
- शाहपुर और ज्वाली में पेयजल योजनाएं शुरू की जाएंगी। शाहपुर में सीवरेज योजना का कार्य 2025-26 में आरंभ होगा।
- बैजनाथ-पपरोला नगर परिषद को 25 लाख और नवगठित नगर पंचायतों को 50 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।
- फतेहपुर में दमकल चौकियों के निर्माण, इंदौरा में नए अग्निशमन वाहनों की खरीद और चैतड़ू (कांगड़ा) में आईटी पार्क का कार्य पूरा किया जाएगा।
- पालमपुर के बिन्द्रावन में आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी और जयसिंहपुर में स्टेडियम का निर्माण होगा।
महिलाओं और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम
- पालमपुर, लुथान, नगरोटा बगवां और चनौर इंडस्ट्रियल एरिया में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे।
- जिले में कॉलेज की छात्राओं के लिए चार नए होस्टल स्थापित होंगे।
- देहरा के बनखंडी में अंतरराष्ट्रीय जूलॉजिकल पार्क और प्लेनेटेरियम बनाया जाएगा।
- देहरा, ज्वालाजी और जसवां-प्रागपुर में 43 करोड़ रुपये की लागत से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होंगे।
- राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल योजना के तहत धर्मशाला, ज्वाली, इंदौरा, देहरा, जयसिंहपुर, शाहपुर, फतेहपुर, पालमपुर, ढलियारा और नगरोटा में सरकारी स्कूलों को डे-बोर्डिंग स्कूल में बदला जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
- टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सुविधा स्थापित होगी।
- कांगड़ा में 50 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल का निर्माण होगा।
- नशे की रोकथाम के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास नोडल केंद्र स्थापित किया जाएगा।
- त्यारा और जयसिंहपुर में ब्लड स्टोरेज यूनिट्स बनाई जाएंगी।
हरित ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
- डमटाल में 200 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट स्थापित होगा।
- जनजातीय क्षेत्र बड़ा भंगाल में निजी स्तर पर 250 किलोवॉट से 1 मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए 3-5% ब्याज उपदान दिया जाएगा।
- कांगड़ा जिले में छह नए 33/11 केवीए सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
समावेशी और संतुलित बजट
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का यह बजट हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित है। इसमें पर्यटन, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे प्रदेश के हर वर्ग को लाभ मिलेगा।