घोघड़, चम्बा, 6 नवम्बर : भरमौर उपमंडल के दुर्गम ग्राम पंचायत बड़ग्रां के अंतर्गत आने वाले भद्रा गाँव में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर पहली बार कृषि विभाग और आत्मा परियोजना (ATMA Project) की ओर से एक कृषि जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह गाँव भरमौर मुख्यालय से करीब 30 किमी की दूरी पर है जो कि अभी भी सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। अब तक यहां कोई विभाग सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए नहीं पहुंच पाया था।
इस शिविर का उद्देश्य किसानों और ग्रामीणों को सरकारी कृषि योजनाओं, आधुनिक खेती तकनीकों, जल संरक्षण और फसल विविधीकरण जैसे विषयों पर जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में सुधार कर सकें।
कार्यक्रम में कृषि विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ जितेन्द्र ने किसानों को रबी फसल मौसम में अपनाई जाने वाली नवीनतम विधियों, फसल प्रबंधन, मृदा परीक्षण, जैविक खेती और कीट नियंत्रण तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। विशेषज्ञ ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है और किसानों की आमदनी भी बढ़ती है।
शिविर में 50 से अधिक किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने अपनी समस्याएं साझा कीं और विभागीय विशेषज्ञ डॉ जितेंद्र ने उन्हें समाधान के सुझाव भी दिए। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहला अवसर था जब किसी सरकारी टीम ने उनके गाँव तक पहुंचकर सीधे संवाद किया।
कृषि विभाग के प्रतिनिधियों ने कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम जनजातीय क्षेत्रों के अन्य गाँवों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि दूरस्थ इलाकों के किसान भी योजनाओं और संसाधनों से लाभान्वित हो सकें।
इस आयोजन से ग्रामीणों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। अब किसान आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने और विभागीय योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित हैं।
भद्रा जैसे सुदूर गाँवों तक विभागीय पहुंच यह दर्शाती है कि सरकार अब वास्तव में जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।

