घोघड़ | शिमला | 12 जनवरी, 2026 : नए वर्ष में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बीपीएल (Below Poverty Line) सूची को लेकर बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने पात्रता नियमों में उदारीकरण करते हुए ऐसे गरीब परिवारों को भी बीपीएल सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है, जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये तक है, भले ही उनके पास रहने के लिए पक्का मकान ही क्यों न हो।
सरकार द्वारा प्रदेश में बीपीएल/अति निर्धन परिवारों की पहचान के लिए बहु-चरणीय सर्वेक्षण किया जा रहा है। दूसरे चरण के सर्वेक्षण में अब तक 35,355 अतिरिक्त परिवारों को अति निर्धन श्रेणी में जोड़ा गया है। इसके बाद प्रदेश में अति निर्धन परिवारों की कुल संख्या बढ़कर 63,070 हो गई है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
पहले चरण में शामिल हुए 27,715 परिवार
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि अति निर्धन परिवारों (पूअरेस्ट ऑफ द पुअर) के चयन के लिए किए गए पहले चरण के सर्वेक्षण में 27,715 परिवारों को शामिल किया गया था। ये वे परिवार हैं जो पिछले करीब 20 वर्षों से आईआरडीपी में शामिल थे, लेकिन अभी तक उन्हें पक्का मकान उपलब्ध नहीं हो पाया था। पहले चरण में आय सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित की गई थी और उस समय पक्का मकान रखने वाले परिवारों को शामिल नहीं किया गया था।
दूसरे चरण में पक्का मकान वाले परिवार भी शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण के सर्वेक्षण में उन परिवारों को भी शामिल किया गया है जिनके पास पहले से पक्का मकान है। इस बदलाव से 35,355 अतिरिक्त परिवार अति निर्धन श्रेणी में जुड़े हैं। सरकार ऐसे पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित आवास केवल बुनियादी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक अधिकार है।
तीसरे, चौथे और पांचवें चरण में होगा और विस्तार
सीएम सुक्खू ने बताया कि तीसरे चरण में अनाथ, दिव्यांग और विधवा परिवारों को निर्धन श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिससे बीपीएल/अति निर्धन परिवारों की संख्या में और वृद्धि होगी। इसके अलावा चौथे और पांचवें चरण में भी सर्वेक्षण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि हर चरण में चयन मानदंडों में छूट दी जा रही है, जिससे कोई भी पात्र परिवार आईआरडीपी और बीपीएल योजनाओं से बाहर न रहे।
सरकार का लक्ष्य सम्मानजनक जीवन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध करवाना है। इसके लिए मूलभूत सुविधाएं, स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ये परिवार बीपीएल सूची से बाहर रहेंगे
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि—
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जिन परिवारों का कोई भी सदस्य आयकर देता है।
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जिनकी समस्त स्रोतों से वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक है।
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जिन परिवारों के पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि है।
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जिन परिवारों का कोई सदस्य सरकारी, अर्ध-सरकारी या निजी नौकरी में कार्यरत है।
ऐसे परिवार बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए अपात्र माने जाएंगे।



