घोघड़, चम्बा, 11 फरवरी : जिले में सेब फसल को रोगों से सुरक्षित रखने और बागवानों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र चम्बा और उद्यान विभाग द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जनजातीय उपमंडल भरमौर की उपतहसील होली के लामू गांव में एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जया चौधरी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बागवानों को सेब में लगने वाले प्रमुख रोगों की पहचान, रोकथाम और वैज्ञानिक प्रबंधन के बारे में जानकारी देना है। शिविर में सेब फसल के समुचित प्रबंधन के साथ-साथ अल्टरनेरिया और मार्सोनिना लीफ ब्लॉच जैसे रोगों की प्रभावी रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. सुशील धीमान तथा उद्यान विभाग के प्रसार अधिकारी पंकज कुमार ने बागवानों को तकनीकी जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर वैज्ञानिक उपाय अपनाने से फसल को रोगों से बचाया जा सकता है और उत्पादन व गुणवत्ता में भी सुधार संभव है, जिससे बागवानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकते हैं।
शिविर के दौरान रोगों की पहचान, दवाइयों के संतुलित उपयोग, छिड़काव की सही विधि और समय-निर्धारण की जानकारी दी गई। साथ ही मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बागवानों को मिट्टी परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और बागों की नियमित निगरानी के लिए प्रेरित किया गया।
विशेषज्ञों ने डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी द्वारा अनुशंसित स्प्रे शेड्यूल का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छिड़काव करने से फसल की गुणवत्ता, आकार और उत्पादन में सुधार सुनिश्चित किया जा सकता है।
अधिकारियों ने बागवानों से ऐसे शिविरों में अधिक से अधिक भाग लेने और वैज्ञानिक सलाह को अपनाने की अपील की। अभियान के तहत अगला जागरूकता शिविर 12 फरवरी को उपमंडल चुराह के मदन गांव में आयोजित किया जाएगा।

