घोघड़, चम्बा, 3 जनवरी : घुमंतू गुज्जर समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आर्थिक व शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। इसी कड़ी में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय, चम्बा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए गुज्जर समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं व सुझावों को प्रशासन के समक्ष रखा।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि घुमंतू गुज्जर समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि गुज्जर हॉस्टल साहू में घुमंतू परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाए तथा प्रवेश से जुड़ी औपचारिकताओं को सरल बनाया जाए। साथ ही उन्होंने हॉस्टल में कक्षा बारहवीं तक शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बच्चों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने और वर्तमान में 25 की क्षमता वाले हॉस्टल को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 100 करने हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में समुदाय के प्रतिनिधियों ने कई शैक्षणिक मांगें भी रखीं। इनमें गांव पहलुई, कुड़था, धनग्रां और खिलगानोतु में प्राथमिक पाठशालाएं खोलने, राजकीय उच्च पाठशाला कुरेना को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा देने, चुराह तहसील की भगेइगड़ पंचायत के कंगेला गांव में माध्यमिक पाठशाला स्थापित करने, पूर्व में बंद किए गए गुज्जर हॉस्टल किहार और कलसुईं को पुनः शुरू करने तथा तीसा तहसील में नया गुज्जर हॉस्टल खोलने की मांग शामिल रही। उपायुक्त ने इन सभी प्रस्तावों पर शिक्षा विभाग को संभावनाएं तलाश कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिले के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में, जहां विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां समग्र शिक्षा अभियान के तहत 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के विद्यालय से वंचित बच्चों के लिए गैर-आवासीय विशेष प्रशिक्षण केंद्र (एनआरएसटी) स्थापित किए जाएं। इसके लिए शिक्षा विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों को उनकी आयु और स्तर के अनुरूप विशेष शिक्षा प्रदान की जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि गुज्जर समुदाय के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समुदाय के कुछ सदस्यों को प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में प्रशिक्षित करने पर भी बल दिया। विशेष रूप से महिलाओं को दाई प्रशिक्षण देने तथा बच्चों के लिए मोबाइल आंगनबाड़ी केंद्र शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं को भी गंभीरता से उठाया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए उपयुक्त समाधान तलाशने के निर्देश दिए। वहीं, गुज्जर समुदाय की आर्थिकी को मजबूत करने के उद्देश्य से दूध उत्पादन को संगठित कर उसे मिल्कफेड से जोड़ने की आवश्यकता पर भी उपायुक्त ने जोर दिया, ताकि समुदाय को बेहतर आय के अवसर उपलब्ध हो सकें।
इस बैठक में एसडीएम प्रियांशु खाती, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, खंड विकास अधिकारी महेश चंद ठाकुर, उपनिदेशक उच्च शिक्षा विकास महाजन, प्रारंभिक शिक्षा विभाग से बलबीर सिंह, उच्च शिक्षा विभाग गुणवत्ता से भाग सिंह, गुज्जर कल्याण सभा के अध्यक्ष हसन दीन, सचिव मोहम्मद रफी, प्रेस सचिव अलादित्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी और समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि घुमंतू गुज्जर समुदाय के सर्वांगीण विकास से जुड़े सभी मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा और प्रशासन तथा समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जाएंगे।

