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घोघड़, भरमौर, चम्बा, 20 फरवरी : जनजातीय उपमंडल भरमौर के शीतकालीन अवकाश वाले विद्यालयों में नया शैक्षणिक सत्र  आरंभ हो जाने के बावजूद विद्यार्थियों को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। फरवरी माह का आधा समय बीत जाने के बाद भी किताबों की आपूर्ति न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार 12 फरवरी से स्कूलों में कक्षाएं नियमित रूप से आरंभ हो चुकी हैं, लेकिन अधिकांश छात्रों के हाथों में अभी तक पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। अभिभावकों का कहना है कि बिना किताबों के बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है । पाठ्य पुस्तकें न होने के कारण न तो बच्चे स्कूल जा रहे व न ही अध्यापकों के पास कुछ पढ़ाने के लिए है।

स्थानीय अभिभावकों ने बताया कि हर वर्ष शीतकालीन परिस्थितियों को देखते हुए दिसंबर माह में ही अगले सत्र की पुस्तकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती थी, ताकि स्कूल खुलते ही बच्चों को पठन सामग्री उपलब्ध हो सके। इस बार व्यवस्था में देरी होने से विद्यार्थी असुविधा झेल रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समितियों का कहना है कि यदि शीघ्र ही पुस्तकें उपलब्ध नहीं करवाई गईं तो वे इसके लिए विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अभिभावकों ने यह भी चिंता जताई कि समय पर पाठ्य पुस्तकें न मिलने से वार्षिक परीक्षाओं के परिणामों पर भी असर पड़ सकता है। पुस्तकें देरी से मिलने के कारण समय पर पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाएगा। वहीं अध्यापकों द्वारा शिक्षा विभाग की इस लापरवाही को छिपाने के प्रयास में पाठ्यक्रम बची हुई समयावधि में पूरा करने के प्रयास के कारण बच्चों पर दबाव बढ़ जाएगा।उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है कि पुस्तकों की आपूर्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

उधर, खंड शिक्षा अधिकारी भरमौर ने बताया कि पुस्तकों की आपूर्ति जिला स्तर से की जा रही है। विभाग को सूचना मिली है कि 20 फरवरी तक चम्बा स्थित पुस्तक डिपो तक किताबें पहुंच जाएंगी जिसके बाद इन्हें विद्यालयों के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी दिनों में सभी विद्यार्थियों को आवश्यक पाठ्य सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी।


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