घोघड़, शिमला, 02 फरवरी 2026 : जिला शिमला में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और किसी भी प्रकार की आपराधिक या अप्रिय घटना की रोकथाम के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने प्रवासी श्रमिकों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश अस्थायी रूप से जिले में रह रहे प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी व फेरी लगाने वालों तथा अन्य बाहरी कामगारों पर लागू होंगे।
जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब कोई भी नियोक्ता, ठेकेदार, व्यापारी या अन्य व्यक्ति किसी भी प्रवासी मजदूर को तब तक काम पर नहीं रख सकेगा, जब तक वह संबंधित पुलिस थाने में जाकर थाना प्रभारी के समक्ष पासपोर्ट साइज फोटो सहित अपना पूरा विवरण दर्ज नहीं करवाता। इसी प्रकार जिले में आने वाला कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना पुलिस को सूचना दिए स्व-रोजगार, गैर-औपचारिक व्यापार, सेवाओं या रोजगार की तलाश में संलिप्त नहीं हो सकेगा।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत उद्यमियों, कारोबारियों, ठेकेदारों, किसानों और अन्य नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके यहां कार्यरत सभी बाहरी श्रमिकों का फोटो सहित पंजीकरण नजदीकी पुलिस थाने में हो। रेहड़ी-फड़ी व फेरी लगाने वालों तथा अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे बाहरी लोगों को भी पुलिस थाने में अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है।
जिला दंडाधिकारी ने स्थानीय निवासियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने मकान बाहरी लोगों को किराये पर देने से पहले उनकी पहचान, पंजीकरण और पूर्व रिकॉर्ड की जांच (एंटीसिडेंट वेरिफिकेशन) अवश्य करवा लें। यह प्रक्रिया संबंधित व्यक्ति के गृह क्षेत्र के थाने से की जाती है, जिससे उसके चरित्र और पुराने रिकॉर्ड की पुष्टि हो सके। बिना पंजीकरण कोई भी प्रवासी व्यक्ति जिले में रोजगार नहीं कर सकेगा।
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने पर बाहरी कामगारों, उन्हें काम पर रखने वाले नियोक्ताओं तथा मकान मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह आदेश 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
आम लोगों को होने वाले लाभ
इस निर्णय से जिले में रहने वाले लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी और अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी। बाहरी कामगारों का रिकॉर्ड उपलब्ध होने से किसी भी घटना की स्थिति में पुलिस को त्वरित जांच में सुविधा मिलेगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहेगी। स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और व्यापारियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
आदेश न मानने पर क्या हो सकता है
यदि कोई प्रवासी श्रमिक बिना पंजीकरण काम करता पाया गया या कोई नियोक्ता, ठेकेदार अथवा मकान मालिक नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें कानूनी नोटिस, जुर्माना अथवा अन्य सख्त कार्रवाई शामिल हो सकती है।

