घोघड़, चम्बा 28 दिसम्बर : पत्थर पर पत्थर टिका कर रखना या कुछ अन्य वस्तुओं को एक दूसरे पर टिकाकर रखना, कंचे के खेल बचपन में लगभग सभी ने खेले है। परंतु क्या आप जानते हैं यह केवल खेल या कला नहीं बल्कि अपने चित्त को एकाग्र करने का अचूक अभ्यास भी हैं। बढ़ती आयु के साथ मानव अपनी अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न रास्ते चुन लेता है परंतु इस प्रयास में वो अपने बचपन वाली एकाग्रता खो देता है। और यहीं से जीवन में जटिलताओं का सामना होने लगता है। एक आयु तक मजेदार चल रहा जीवन संघर्ष भरा लगने लगता है क्योंकि हम अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्र नहीं हो पाते।

इसी विषय पर हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक भरमौर चौरासी क्षेत्र में 28 दिसम्बर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक चार दिवसीय विशेष आत्म-चिंतन रिट्रीट “अंतर यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। यह रिट्रीट Nodes and the Moon संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को शरीर, मन और भावनाओं के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायता देना है ।

चौरासी के प्राचीन 84 मंदिर समूह की तलहटी में, देवदार वनों और हिमालयी शांति से घिरे वातावरण में आयोजित यह रिट्रीट आधुनिक जीवन की तेज़ रफ्तार में स्वयं से टूटते जा रहे लोगों को भीतर की ओर लौटने का अवसर प्रदान करेगा।
नोडज़ एंड मून संस्था संस्थापक स्वाति पांडे के अनुसार, यह कोई पार्टी, एडवेंचर ट्रेक या चिकित्सा उपचार नहीं, बल्कि एक शांत और सुरक्षित आत्म-यात्रा है, जहां प्रतिभागी बिना किसी दबाव के स्वयं को समझने और सुनने का समय निकाल सकेंगे।
स्वाति पांडेय, काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट एवं इमोशनल वेलनेस गाइड हैं, जो SyncInSelf और Nodes and the Moon की संस्थापक भी हैं। वे लंबे समय से आत्म-चिंतन, भावनात्मक संतुलन और सुरक्षित संवाद आधारित सत्रों के लिए जानी जाती हैं।

इस चार दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के लिए नेचर वॉक, बॉडी–माइंड–इमोशन ग्राउंडिंग सत्र, अग्नि संवाद, संगीत से सजी हिमाचली ग्राम संध्या, टेरारियम गतिविधि, नदी किनारे शिविर और नववर्ष की शांत संध्या जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रत्येक प्रतिभागी को एक व्यक्तिगत SyncInSelf जर्नल भी प्रदान किया जाएगा।
यह रिट्रीट विशेष रूप से कार्यरत पेशेवरों, विद्यार्थियों, उद्यमियों, रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों और उन सभी के लिए उपयुक्त है, जो तनाव, उलझन या भावनात्मक थकान महसूस कर रहे हैं और नववर्ष की शुरुआत स्पष्टता व संतुलन के साथ करना चाहते हैं।
आयोजकों ने बताया कि रिट्रीट में अधिकतम 30 प्रतिभागियों को ही शामिल किया जाएगा, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को व्यक्तिगत ध्यान और गहराई से अनुभव मिल सके। प्रतिभाग शुल्क 33,000 रुपये (कर सहित) निर्धारित किया गया है, जिसमें आवास, भोजन, सभी गतिविधियां, आंतरिक यात्रा और मार्गदर्शन शामिल है ।
भरमौर चौरासी क्षेत्र में होने वाला यह आयोजन न केवल मानसिक व भावनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र में वेलनेस टूरिज्म को भी नई पहचान देने की दिशा में एक सार्थक पहल माना जा रहा है।

