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घोघड़, चम्बा, 6 नवम्बर : भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज द्वारा सोशल मीडिया पर हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए जनता से सुझाव आमंत्रित करने की अपील पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं मिली हैं।
“मुझे 9418820100 पर व्हाट्सऐप करें” संदेश के साथ साझा की गई इस पोस्ट पर सैकड़ों नागरिकों ने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे हैं।

विधायक डॉ जनक राज ने कहा कि फेसबुक पेज से अधिक सुझाव उनके व्हाट्सएप्प पर मिले हैं जिनकी संख्या हजारों में है। उन्होंने कहा, इनमें से अपनी पांगी-भरमौर विस क्षेत्र से जुड़े प्रश्नों व सुझावों को संकलित कर उनमें से प्रमुख मुद्दों को विस पटल पर उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वे विस में आम जनता द्वारा सुझाए मुद्दों को लेकर शीतकालीन विस सत्र में जाएंगे।

अधिकांश टिप्पणियाँ क्षेत्र की खराब सड़कों और अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर थीं।


चेतन शर्मा ने लिखा कि “भरमौर विधानसभा क्षेत्र में सभी लिंक रोडों के हालात बद से बदतर हैं, टायरिंग उखड़ी पड़ी है।”
अनिल शर्मा सुलाखरिया और ओमी जरियाल ने कई ऐसे गांवों की जानकारी दी जहां आज भी सड़क सुविधा नहीं पहुंची है।
नाथ देवेंद्र ने “लेच बायपास रोड” को प्राथमिकता देने की मांग की, वहीं संजय हिमाचली ने उरेई से समरा तक बनी सड़क पर तारकोल डालने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र की दुर्दशा

संजीव ठाकुर ने ग्राम सिंयूर की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए बताया कि वहाँ “हाई स्कूल का उद्घाटन तो हो चुका है, पर नियमित कक्षाएं शुरू नहीं हुईं, बिजली और सड़क दोनों बदहाल हैं, और डिस्पेंसरी में कोई स्वास्थ्यकर्मी नियमित नहीं आता।”
सुरेश शर्मा ने “GSSS दुर्गेठी भवन निर्माण और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढकोग” को प्राथमिकता देने की अपील की।

सुरंग, NH और पर्यटन विकास पर भी आए सुझाव

प्रताप जरियाल ने भरमौर–धर्मशाला सुरंग परियोजना को पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि “यह सुरंग क्षेत्र के लिए जीवन रेखा साबित हो सकती है।”
विषाल महाजन ने कुगती से लेह तक रक्षा मार्ग हेतु वैकल्पिक टनल का सुझाव दिया, जबकि अनिल एनी बौराल ने डारकुंड–बढ़ी टनल की मांग की।
टेक सिंह ठाकुर ने झीरडू और कुलेठ घार के सुधार का मुद्दा उठाया और NH–154A के कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।

गद्दी उपजातियों और युवाओं के मुद्दे

ई.एस.के. भारद्वाज ने गद्दी समुदाय की उपजातियों के अधिकारों पर बात रखते हुए कहा कि “उपजातियों का अस्तित्व खतरे में है, विधायक जी विधानसभा में इस आवाज को मजबूती से उठाएं।”
वहीं हेमराज ठाकुर ने “आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति” बनाने की मांग की।
अक्षय कुमार ने युवाओं के लिए कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार पर संतुलित नीति की आवश्यकता जताई।

जनता ने दिखाई उम्मीद — “हमारी आवाज विधानसभा तक पहुंचे”

कई नागरिकों ने विधायक से उम्मीद जताई कि उनके ये सुझाव केवल सुनने तक सीमित न रहें, बल्कि विधानसभा में ठोस रूप से उठाए जाएं।
शशि कपूर ने कहा कि “कलाह गांव जैसे इलाकों के लोगों का जीवन अब भी सुविधाओं से वंचित है, कृपया इस सवाल को सदन में उठाएं कि आज़ादी के बाद भी ये क्षेत्र देश से क्यों नहीं जुड़ पाए?”

टांडा मेडिकल कॉलेज को PGI स्तर पर अपग्रेड करने की मांग

सतीश शर्मा ने विस्तृत टिप्पणी में “डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा को PGI स्तर पर अपग्रेड करने” की मांग उठाई, इसे कांगड़ा–चंबा क्षेत्र की सबसे बड़ी स्वास्थ्य ज़रूरत बताया।

इन कमेंट्स के अलावा भी अन्य सैकड़ों कमेंट

जनसुनवाई का नया मॉडल बना सोशल मीडिया

डॉ. जनक राज की इस पहल की लोग सराहना कर रहे हैं।
अपने फेसबुक पेज पर किए इस पोस्ट पर 400 से अधिक लाइक, 180 से ज्यादा टिप्पणियां दर्ज हुईं।
लोगों का कहना है कि विधायक द्वारा जनता से सीधे सुझाव लेना लोकतंत्र को सशक्त करने की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है।

स्थानीय जनभावना यह दर्शाती है कि भरमौर–पांगी क्षेत्र सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं के स्तर पर अब भी कई बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है। अब उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक इन मुद्दों को हिमाचल विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में किस मजबूती से उठाते हैं और सरकार उन्हें कितनी गम्भीरता से लेती है।


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