घोघड़, चम्बा, 9 नवम्बर : राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित “विकसित भारत बिल्डथान 2025” कार्यक्रम के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भरमौर के अध्यापकों व विद्यार्थियों ने लोक संस्कृति, पारंपरिक परिधान और मिलेट्स (पारंपरिक फसलें) पर आधारित प्रोजेक्ट तैयार कर केंद्र को प्रेषित किए हैं।
इस योजना का उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों में नवाचार, सृजनात्मकता और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि भारत के समग्र विकास में युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। देशभर से आठ नवंबर तक विद्यार्थियों से अपने आइडिया व प्रोजेक्ट जमा करने को कहा गया था। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट को एक करोड़ रुपये तक का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
विद्यालय के अध्यापक जगपाल चौहान, नीलम ठाकुर और कृष्ण पखरेटिया के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों आरुषि, स्नेहा, शानवी, स्मृति, दृष्टि सहित अन्य ने अपने नवाचारपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। इनमें से प्रवक्ता नीलम ठाकुर का प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक ऑनलाइन जमा हुआ।
जगपाल चौहान ने कहा कि इस विद्यालय के लिए वोकल फॉर लोकल, स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर भारत व समृद्ध भारत पृष्ठभूमि पर प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए कहा गया था। जिसमें से विद्यार्थियों ने लोकल फॉर वोकल थीम के अंतर्गत पारंपरिक परिधान और विलुप्त होती स्थानीय खाद्य फसलों पर प्रोजेक्ट तैयार किया, ताकि इन फसलों को आधुनिक बाजार में पुनः स्थान दिलाया जा सके और लोगों को इससे आजीविका के नए अवसर प्राप्त हों।
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट तैयार करने और ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण थी, जिसके लिए अध्यापकों और विद्यार्थियों ने विशेष परिश्रम किया।
“विकसित भारत बिल्डथान 2025” जैसे कार्यक्रम न केवल स्थानीय ज्ञान और परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हो रहे हैं।

